हिमाचल विधानसभा: स्मार्ट मीटर से नहीं जाएगी नौकरियां, प्रीपेड व्यवस्था पर सीएम का बड़ा बयान

हिमाचल विधानसभा: स्मार्ट मीटर से नहीं जाएगी नौकरियां, प्रीपेड व्यवस्था पर सीएम का बड़ा बयान

Smart Meters Will Not Lead to Job Losses

Smart Meters Will Not Lead to Job Losses

शिमला। Smart Meters Will Not Lead to Job Losses, हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में विधायक सुखराम चौधरी के प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने के कारण कोई भी मीटर रीडर सरप्लस नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि सभी 994 मीटर रीडर आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से कार्यरत हैं। ऐसे में उन्हें समायोजित करने का प्रश्न ही नहीं उठता। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नीतिगत तरीके से आउटसोर्स के लिए सोच रही है। 

मीटर प्रीपेड या पोस्टपेड

विधायक संजय रत्न ने पूछा कि सरकार जो स्मार्ट मीटर लगा रही है, वह प्री पेड ही हैं या पोस्ट पेड भी हैं। प्री पेड होने से जलशक्ति विभाग की योजनाएं बंद हो जाएंगी। इसके अलावा स्ट्रीट लाइटें व अन्य ऐसी योजनाओं पर असर पड़ेगा। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये मीटर प्रीपेड हैं। पेयजल योजनाओं में कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। स्मार्ट मीटर से लोगों को यह पता चल सकेगा कि प्रत्येक दिन उसने कितनी बिजली खर्च की।

लोगों में भ्रांतियां

हिमाचल प्रदेश में स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर लोगों में कई तरह की भ्रांतियां हैं, लोगों में चर्चाएं हैं कि स्मार्ट मीटर में बिल ज्यादा आएगा। साथ ही रिचार्ज न करवाने पर कनेक्शन बंद हो जाएगा।

प्राकृतिक आपदा में मौत व अग्नि के 18 मामले लंबित

विधायक मोहन लाल ब्राक्टा के प्रश्न के उत्तर में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि गत 3 वर्ष में 31 जनवरी तक रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा व अग्नि से मौत के 107 मामले स्वीकृत किए हैं। सभी मृतकों के आश्रितों को राहत नियमावली के प्रविधान के तहत 4 लाख प्रति मृतक की दर से 4.28 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त इस संबंध में 18 मामले लंबित हैं, जिनका निपटारा शीघ्र कर दिया जाएगा।